Al-Risala · November 2024
कमाने वाला अपने को बड़ा न समझे
Al-Risala, November 2024, pp. 16–17
By Maulana Wahiduddin Khan
अनस रज़ी अल्लाहु अनुहु कहते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ज़माने में दो भाई थे। एक भाई रसूलुल्लाह (स.अ.व.) के पास आया करता था और दूसरा भाई घर के लिए कमाई करता था। कमाई करने वाले ने रसूलुल्लाह (स.अ.व.) से अपने भाई की शिकायत की (कि वह काम नहीं करता, मुझको अकेले ही दोनों के लिए कमाना पड़ता है) आपने फ़रमाया, “शायद तुमको रोज़ी उसी की वजह से मिलती हो।” (सुनन अल-तिर्मिज़ी, हदीस संख्या 2345)
بے فائدہ کام میں مشغول ہونا ایک ایسا تعیش (luxury) ہے جس کا تحمل ایک با مقصد انسان نہیں کر سکتا۔