Al-Risala (English) · ME AND MAULANA: A PERSONAL RECOLLECTION OF WAHIDUDDIN KHAN - John M. Butt

ME AND MAULANA: A PERSONAL RECOLLECTION OF WAHIDUDDIN KHAN - John M. Butt

Al-Risala (English), August-September 2021, p. 201

By Maulana Wahiduddin Khan

Maulana Wahiduddin Khan is named as the default author of the periodical; a piece that carries another writer’s byline is credited to that writer.

Manvendra Pandav @ManvendraPandav Apr 23 पद्मविभूषण मौलाना वहीदुद्ीन खान के निधन से देश एक बहुतत बड़ा देशभक्त खो दियया जो हमेशा धर्म की उचितत विवेचना द्ारा सद्ावना और और समन्वयय का संदेश देतते थे।उनके निधन पर मैं अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करतता हूं। VSK BHARAT @editorvskbharat Apr 23 शोक संदेश पद्मविभूषण मौलाना वहीदुद्ीन खान के निधन से देश ने इसलाम के एक सचचे विद्ान को खोयया है, जो हमेशा धर्म की उचितत विवेचना द्ारा सद्ावना व समन्वयय का संदेश देतते रहे. Aimim फर्रुखाबाद @Aimim_Fbdup Apr 22 َاِنَّا لِلّٰهِ وَاِنَّا اِلَیْهِ رَاجِعُوْن मिल्लतत ए इस्लामियया का एक सिततारा गुरूब। दो सौ से ज़्या्यादा कितताबों के मुसननीफ, दुनियया ए इसलाम में अमन और दावतत की ततहरीक को बुलंद करने वाले अज़ीम उल मर्तबतत शख्सियतत मौलाना वहीदुद्ीन खान इस दययार ए फ़ानी से कूच कर गए । ऐसी शख्शियतत सदिययों में कहीं में पैदा होतती है,दुनियया के 500 तताकततवर मुस्लिम शख्सियततों में शुमार, मौलाना भारतत सरकार की रफ से पद्म विभूषण और पद्म श्री अवॉर्ड से सरफराज़ भी किए गए है, हज़ार साल नरगिस अपनी बेनूरी पर रो तती है बहुतत मुश्किल से होतता है चमन में दीदवर पैदा –शारिक अंसारी

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