Al-Risala · September 2025 · page 54

स्वीकार करने की शर्त

الرسالہ، ستمبر ۲۰۲۵، صفحہ ۵۴

फिर मन पूछा कि आप अल-रिसाला के किसी अंक का कितना बार पढ़ते है? उन्होंने कहा कि एक बार। मैंने कहा कि जिस व्यक्ति ने अल-रिसाला को केवल एक बार पढ़ा, उसने अल- रिसाला को वास्तव में पढ़ा ही नहीं!

क्योंकि आप माहनामा अल-रिसाला को केवल एक बार पढ़ते हैं, इसलिए आप इसे अब तक समझ नहीं सके। आपने केवल अल-रिसाला की लाइनों (lines) को पाया है, लेकिन आपने अब तक इसके मायने (between the lines) को नहीं पाया। फिर मैंने कहा कि माहनामा अल-रिसाला कोई जानकारी देने वाली पत्रिका नहीं है, बल्कि मारिफ़त (आध्यात्मिक ज्ञान) की पत्रिका है। अल-रिसाला में जो जानकारी होती है, वह अपने आप में लक्ष्य नहीं होती, बल्कि उसका एक उच्च उद्देश्य होता है। यह उद्देश्य तवस्सुम (कुरान, 15:75) है - यानी जानकारी के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान (मारिफ़त) और अर्थपूर्ण सोच को विकसित करना। असल में, इस दुनिया में हमें दो प्रकार के खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है- 1. भौतिक आहार (material dose) जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है। 2. मारिफ़त का आहार (spiritual dose) जो अल्लाह पर ईमान (आस्था) को सशक्त बनाता है।

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