Al-Risala · March 2023 · page 51

بہت سے لوگ مولانا کے زیر بار ہیں

الرسالہ، مارچ ۲۰۲۳، صفحہ ۵۱

मुल्कों के स्टेशन सुनना उसके ज़रिए मुमाकिन न था। कई साल तक यहाँ छोटा ट्रांजिस्टर हमारे लिए रेडियो प्रसारण सुनने का ज़रिया बना रहा। उसके बाद हमने चार मीटर बैंड का बड़ा रेडियो सेट ख़रीदा। यह रेडियो सेट दुनिया भर के तमाम मुल्कों के रेडियो स्टेशन पकड़ता था। इसके ज़रिए जब हमने बी.बी.सी. और दूसरे विदेशी स्टेशनों को सुना तो मालूम हुआ कि हम कितनी बड़ी दौलत से महरूम थे। विभिन्न मुल्क हर रोज़ क़ीमती प्रोग्राम प्रसारित करते हैं। उनको सुनने से ज़बरदस्त वैचारिक और मालूमाती फ़ायदे होते हैं। मगर इस बौद्धिक ख़ज़ाने से फ़ायदा उठाना हमारे लिए उस वक़्त तक मुमकिन न हो सका, जब तक हमने बड़ा रेडियो सेट अपने लिए हासिल न कर लिया। ख़ुदा और बन्दे का मामला भी ऐसा ही है। ख़ुदा का फ़ैज़ान (अनुग्रह) जैसे एक असीम और अनन्त प्रसारण-केन्द्र है। उससे हर लम्हा ख़ुदा के रिज़क़ की बारिश होती रहती है। मगर आप इससे कितना पाएं, यह बात आपके अपने 'रेडियो सेट' पर है। अगर आपका रेडियो सेट छोटा है तो आप बहुत कम चीज़ें ग्रहण कर सकेंगे। और अगर आपका रेडियो सेट बड़ा है तो आपके ऊपर इतना ज़्यादा ख़ुदा का फ़ैज़ान बरसेगा जैसे कि आप ख़ुदाई फ़ैज़ान के अथाह समन्दर में नहा उठे हैं। आजकल हर आदमी सीमितता का शिकार है। कोई शख़्स है जो किसी गिरोही कवच में बन्द है। कोई अपने आपको तुच्छ स्वार्थों में इस तरह गुम किए हुए है कि

‹ Previous page Next page › Contents of March 2023 All issues

Printed page