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الرسالہ، مارچ ۲۰۲۳، صفحہ ۵۲
फ़ज़ान पान से महरूम रहता है। ख़ुदा का 'फ़ज़ान' उसी को मिलता है, जो अपन ज़ेहन के दरवाज़े खोलने पर राज़ी हो जाए। कोई उस जैसा नहीं क़ुरआन में ख़ुदा के बारे में ये शब्द आये हैं कि उस जैसी कोई चीज़ नहीं (अल- शूरा: 11)। ख़ुदा हर लिहाज़ से एक बड़ी हस्ती है। उसका बड़ा और महान होना ही उसको यह हैसियत देता है कि से वह तमाम मौजूद चीज़ों का ख़ुदा ठहरे, सबके सब उसके आगे झुक जाएं। सबके सब उसको अपना बड़ा बना कर उसके मुक़ाबले में छोटा बनने पर राज़ी हो जाएं। ख़ुदा अपने आप क़ायम है। इन्सान पैदा किए जाने से पैदा होता है। पर ख़ुदा इससे ऊपर है कि कोई उसको पैदा करे। ख़ुदा का अस्तित्व एक स्थायी अस्तित्व है। वह हमेशा से है और हमेशा रहेगा। वह एक है। वह सबसे बेनियाज़ (निःस्पृह) है। उसका न कोई बाप है और न कोई उसका बेटा। उसके बराबर कोई नहीं। ख़ुदा 'नहीं' से 'है' को पैदा करने की ताक़त रखता है। वही है जिसने तमाम गैर- मौजूद चीज़ों को मौजूद किया। पदार्थ और क्रिया और प्रकाश और ऊर्जा और चेतना के रूप में जो कुछ आज सृष्टि में दिखाई देता है वह सब उसी का पैदा किया हुआ है। उसी ने तमाम चीज़ों को अस्तित्व दिया। ख़ुदा परोक्ष (गैब) का ज्ञान रखता है। वह अतीत और वर्तमान के साथ-साथ भविष्य को भी पूरी तरह जानता है। ख़ुदा की इसी विशेषता की वजह से यह मुमकिन हुआ कि वह सृष्टि की ऐसी मनसूबाबंदी करे कि उसके तमाम हिस्से एक-दूसरे से तालमेल रखते हों। उनमें शाश्वत रूप से कोई दोष पैदा न हो सके। ख़ुदा एक जिन्दा हस्ती है। वह नींद और थकान और कमज़ोरी से ऊपर है। वह
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