कारण क्या है
الرسالہ، مارچ ۲۰۲۳، صفحہ ۵۵
बेहतरीन शक्ल में खुदा का पैगाम पहुँचा। उसके बावजूद उन्होंने हक़ का पैगाम को क़बूल नहीं किया। इस की वजह क्या थी। इसकी वजह उनकी बिगड़ी हुई मानसिकता थी। मानसिकता का यह बिगाड़ अक्सर हालात में घमंड की बुनियाद पर होता है। इसी वजह से उपरोक्त आयत में घमंड का ज़िक्र किया गया है (अल- आराफ़ 146)। नसीहत हर इन्सान के लिए नापसन्दीदा चीज़ है। और ख़ास तौर पर घमंडी इन्सान तो नसीहत को बिल्कुल नापसन्द करता है। जो लोग घमंड की मानसिकता रखते हैं, वे कभी अपने ख़िलाफ़ किसी नसीहत को सुनने पर राज़ी नहीं होते। ऐसी कोई सच्चाई उनके लिए आख़िरी हद तक अस्वीकार्य होती है, जिसमें उन्हें अपनी शख्सियत का इंकार दिखाई दे रहा हो। जो लोग अपने आपको ऊंचे मुक़ाम पर बैठा हुआ मान लें वे किसी ऐसी दावत को क़बूल करने के लिए तैयार नहीं होते जिसमें उन्हें महसूस हो कि उसको क़बूल करने की हालत में उन्हें अपने ऊंचे मुक़ाम से नीचे उतरना पड़ेगा। जो लोग फ़ख़र और अकड़ की मानसिकता रखते हों उनकी यह मानसिकता उनके लिए किसी ऐसी बात को मानने की राह में रुकावट बन जाती है जिसमें उनका फ़ख़र और अकड़ उन्हें टूटा हुआ नजर आए। जो लोग क़ौम की जांच पड़ताल करने के काम को अपना जीवन-लक्ष्य समझ बैठे हों वे अपने मिज़ाज की वजह से ऐसी किसी पुकार को नज़रअन्दाज़ कर देते हैं, जिसमें खुद अपनी ही जांच पड़ताल करने पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया गया हो। जो
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