Al-Risala · September 2023 · page 8

एक आज़माइश

الرسالہ، ستمبر ۲۰۲۳، صفحہ ۸

कितन हो बड़े पैमान पर की जाए, मुसलमानों के लिए किसी नए भविष्य का निर्माण नहीं कर सकती। अनोखी विशेषता कुरआन में बहुत विस्तार के साथ जन्नत का ज़िक्र किया गया है। उन सबका खुलासा इस संक्षिप्त आयत में है कि जन्नत में वह तमाम चीज़ें होंगी जिनको आदमी का जी चाहेगा और जिनसे उसकी आंखों को लज़्ज़त हासिल होगी (अज्-जुखफ़ 71)। इन्सान तमाम मालूम सृष्टि में एक अनोखी सृष्टि है, जो लज़्ज़त (आनंद) चाहता है जो लज़्ज़त का बोध कर सकता है। इस अजीब इन्सान के लिए अल्लाह तआला ने यह बेहद अजीब संभावना रखी है कि उसके लिए श्रेष्ठम लज़्ज़तों से भरी हुई एक जन्नत बना दी, जहां वह हमेशा-हमेशा रह सके। लज़्ज़त (pleasure) की सृष्टि बेशक सृजनहार का एक हैरतनाक रचनात्मक करिश्मा है। एक इंजीनियर ख़ुदा की दी हुई अक़्ल और ख़ुदा की दी हुई चीज़ों को काम में लाकर मशीनी इन्सान (रोबोट) बनाता है। वह सारे इन्सानी काम करता है। पर किसी मशीनी इन्सान के अन्दर आनन्द बोध नहीं। कोई मशीन किसी भी चीज़ से आनंदित होना नहीं जानती। यह सिर्फ़ इन्सान है जो आनन्द और लज़्ज़त का बोध करता है, जो अपनी पसंदीदा चीज़ों से आनंदित हो सकता है। आनन्द या लज़्ज़त कोई सीमित चीज़ नहीं। यह एक निहायत व्यापक बल्कि असीमंत अर्थ रखने वाला शब्द है। इन्सान सिर्फ़ खाने-पीने जैसी लज़्ज़तों ही से आनंदित नहीं होता, बल्कि हर स्तरीय चीज़ में उसके लिए लज़्ज़त है। मसलन एक कम्प्यूटर सौ हज़ार सवालों का निहायत सही जवाब देगा। मगर

‹ Previous page Next page › Contents of September 2023 All issues

Printed page