Al-Risala · March 2024 · page 13

ज़माने के ख़िलाफ़

الرسالہ، مارچ ۲۰۲۴، صفحہ ۱۳

मुऩाफ़िक़त ही सही बात यह है कि आलोचना का बदार्शत करने का स्वभाव पदा किया जाए, न कि आलोचना पर रोक लगाई जाए। आलोचना को बर्दाश्त करने से स्वस्थ समाज बनता है और आलोचना को बंद करने से मुनाफ़िक़ (पांखड़ी) समाज। एक नसीहत बेन्जामिन फ्रैंकलिन एक अमरीकी चिंतन था। वह 1706 में पैदा हुआ और 1790 में उसकी मृत्यु हुई। उसका एक वाक्य है- शादी से पहले अपनी आंखें खूब खुली रखो, पर शादी के बाद अपनी आधी आंख बन्द कर लोः Keep your eyes wide open before marriage, half shut afterwards. यानी शादी करने से पहले अपने जोड़े के बारे में पूरी जानकारी हासिल करो, लेकिन जब शादी हो जाए तो उस पर संतोष करो। इसी बात को किसी ने सादा तौर पर इन शब्दों में कहा कि शादी से पहले जांचो और शादी के बाद निभाओ। कोई मर्द या औरत 'परफेक्ट' नहीं। कोई भी संपूर्ण या परम आदर्श नहीं। इसलिए रिश्ते से पहले जांच तो ज़रूर करनी चाहिए, लेकिन रिश्ते के बाद यह करना चाहिए कि अपने जीवन साथी की खूबियों को देखा जाए और कमियों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाए। इस दुनिया में 'परफेक्ट' का मिलना संभव नहीं। फिर यह भी ज़रूरी नहीं कि जिस

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