ज़माने के ख़िलाफ़
الرسالہ، مارچ ۲۰۲۴، صفحہ ۱۴
और अगर दूसरे रिश्ते को ख़त्म करके तीसरा या चौथा किया जाए तो उसमें भा ऐसी हालत में तालमेल का तरीका अपनाना चाहिए। हर मर्द या औरत में खूबी भी होती है और कोताही भी, ज़रूरत है कि खूबी को देखा जाए और कोताही को बर्दाश्त किया जाए। अमली तौर पर यही एक मुमकिन तरीक़ा है। इसके सिवा और कोई तरीक़ा इस दुनिया में व्यवहार्य नहीं। इस्लाम की तसदीक़ अमरीकी औरतों में आजकल एक नया आन्दोलन उभर रहा है, जिसे ‘महिला आन्दोलन द्वितीय’ (Women's Movement II) का नाम दिया गया है। इस आन्दोलन का झंडा उठाने वालों के दावे के मुताबिक यह पुराने महिला आन्दोलन ही का विस्तार है। लेकिन ज़्यादा सही बात यह है कि यह दरअसल इस बात को मान लेना है कि पुराना महिला आन्दोलन एक बेतुका आन्दोलन था। इसलिए उस पर फिर से नज़र डालने की ज़रूरत पड़ी। एक समीक्षक ने ठीक ही इसे आन्दोलन में एक ख़ामोश तब्दीली (quiet shift) कहा है। अमरीकी पत्रिका स्पान (Span) के जुलाई 1989 अंक में इस आन्दोलन का परिचय छपा है। इसमें बताया गया है कि मौजूूदा अमरीका की औरतें बदहाली का शिकार हैं। काम करने वाली औरतों की दो तिहाई तादाद 13000 डालर सालाना से कम कमाती है, जो अमरीका में ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए नाकाफी है। गर्भ ठहरना, बच्चों की देखभाल और दूसरे मसलनों ने औरत को सख़्त परेशानी में
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