Al-Risala · July 2024 · page 6

ایک رجل سعید کا انتقال

الرسالہ، جولائی ۲۰۲۴، صفحہ ۶

साल गुज़रन के बाद आप निश्चित रूप से कामयाबी का अगला माज़ल पर पहुंच चुके होंगे। चालीस साल बाद निकोला चाऊशेक (Nicolae Ceauşescu) रोमानिया का कम्यूनिस्ट लीडर था। 1948 में वह रोमानिया का कृषि मंत्री बना। इसके बाद वह तरक़्क़ी करता रहा। यहां तक कि 1967 में वह रोमानिया का राष्ट्रपति बन गया। अपनी सत्ता को मज़बूत बनाने के लिए उसने हर मुमकिन कार्रवाई की। इसी में यह था कि उसने अपनी बीवी इलेना (Elena) को उपराष्ट्रपति बनाया और ज़्यादातर ओहदों पर अपने रिश्तेदारो को बिठाया। चाऊशेक ने ताक़त के बल पर अपने तमाम विरोधियों को कुचल दिया। रोमानिया के मशहूर कवि एंउरेन पाऊनेस्को (Adrian Păunescu) के ज़रिए उसने एक कविता तैयार कराई जो 'रोमानिया का गीत' कही जाती थी। इसमें चाऊशेक को 'रोमानी क़ौम का सबसे ज़्यादा प्यारा बेटा' कहा गया था। यह कविता रोज़ाना कई मौक़ों पर सारे रोमानिया में पढ़ी जाती थी। रोमानिया के लोगों को यह बात नापसंद थी कि मुल्क के तमाम साधन सिर्फ एक शख़्स के ऊपर लगा दिए जाएं। आख़िरकार दिसम्बर 1989 में यह लावा फट पड़ा। जनता और फ़ौज दोनों ने चाऊशेक के ख़िलाफ़ बगावत कर दी। चाऊशेक ने अपनी हिफ़ाज़त के लिए इतनी बड़ी पुलिस बना रखी थी जो फ़ौज से भी ज़्यादा ताक़तवर थी। इसलिए दोनों के बीच सख़्त टकराव हुआ। सत्तर हज़ार आदमी मर गए और तीन सौ हज़ार आदमी ज़ख़्मी हुए। चाऊशेक अपने आलीशान महल में हर वक़्त एक हैलीकाप्टर तैयार रखता

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