Al-Risala · July 2024 · page 7

ایک رجل سعید کا انتقال

الرسالہ، جولائی ۲۰۲۴، صفحہ ۷

का चौउशक और उसका बीवा इलना को गाला मार दी गई - आसमान न भा उसको जगह देने से इन्कार कर दिया और ज़मीन ने भी। चाऊशेक स्टालिनवादी कम्यूनिस्ट था। वह मज़हब का सख़्त दुश्मन था। बुखारेस्ट का रेडियो एनाउन्सर उसकी मौत की ख़बर देते हुए चिल्ला उठा। उसने कहा, "उफ़, कैसी हैरतनाक ख़बर है। क्राइस्ट का दुश्मन ठीक क्रिसमस के दिन मर गया। Oh, what a shocking news. The anti-Christ died on Christmas Day. इस तरह की घटनाएं 1989 में बहुत सी हुई हैं। ऐसा मालूम होता है कि ज़ालिम इंसानों ने मज़हब के ख़िलाफ़ जो किले बनाए थे, वे ख़ुदा की तरफ़ से लगातार ढाए जा रहे हैं। रूस में सरकारी तौर पर मज़हब का बिल्कुल ख़ातमा कर दिया गया था। मगर हालात का दबाव इतना बढ़ा कि रूस की कम्यूनिस्ट हुकूमत को अपने यहां मज़हबी आज़ादी का ऐलान करना पड़ा। सोवियत रूस के प्रधानमंत्री मिखायल गोर्बाचोफ़ ने ख़ुद वेटिकन पहुंच कर पोप से मुलाक़ालत की। पूर्वी जर्मनी ने मज़हब को ज़ाहिरी तौर पर पूरी तरह ख़त्म कर दिया गया था। मगर वह आख़िरकार सैलाब बन गया और बर्लिन की दीवार (Berlin Wall) तोड़ कर बाहर आ गया। चाऊशेक अपनी सारी सत्ता, अपनी सारी व्यवस्था और बन्दोबस्त के बावजूद क़त्ल कर दिया गया।

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