اختلاف ایک آزمائش
الرسالہ، مارچ ۲۰۲۵، صفحہ ۱۰
इतिहास इस बात का गवाह देता है कि ऐसा ही हुआ। उनका संतान से एक ऐसी कौम उत्पन्न हुई, जिसे एक पश्चिमी लेखक ने "नायकों की कौम" (A Nation of Heroes) कहा है। इस घटना में सभी महिलाओं के लिए एक महान सबक़ हैः यदि वे अल्लाह पर भरोसा रखकर किसी नेक काम के लिए आगे बढ़ें, तो निश्चित रूप से उन्हें अल्लाह की मदद मिलेगी। नेक काम के लिए दी गई उनकी कुर्बानी कभी व्यर्थ नहीं जाएगी, बल्कि वह हमेशा फलदायी होगी। हज़रत आसिया बिन्ते मुज़ाहिम इसी प्रकार की एक मिसाल आसिया बिन्ते मुज़ाहिम की है। उनका समय लगभग साढ़े तीन हजार साल पहले का है। उसी समय पैगंबर मूसा (अलैहिससलाम्) का आगमन हुआ। उस समय फिरौन मिस्र का राजा था। फिरौन पैगंबर मूसा का सख्त दुश्मन बन गया। लेकिन फिरौन की पत्नी आसिया बिन्ते मुज़ाहिम, पैगंबर मूसा के तौहीद (एकेश्वरवाद) के संदेश से प्रभावित हुईं और उन पर ईमान ले आईं। इस पर फिरौन बेहद नाराज हुआ और आसिया को मौत की सज़ा देने का हुक्म दिया। आसिया बिन्ते मुज़ाहिम ने मौत को कुबूल कर लिया, लेकिन तौहीद (एकेश्वरवाद) के धर्म को छोड़ने पर राज़ामंद नहीं हुईं। यह उनके लिए एक महान
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