Al-Risala · May 2025 · page 12

सोहबत का असर

الرسالہ، مئی ۲۰۲۵، صفحہ ۱۲

का तुरंत समझ जात हो। ऐसी स्थिति में, याद आप किसी का कमजोरी दे ख, तो स्वाभाविक रूप से आप इस पर तीव्र प्रतिक्रिया देंगे। आम अनुभव के आधार पर कहा जा सकता है कि दूसरा व्यक्ति आपकी प्रतिक्रिया पर नाराज़ हो सकता है। यह स्थिति दोनों के लिए अक्लमंदी का इम्तिहान है। यदि दूसरा व्यक्ति अक्लमंदी दिखाए और अपनी नाराज़गी को प्रकट न करे, तो यह उसके लिए अक्लमंदी की बात होगी। लेकिन यदि दूसरा व्यक्ति ऐसा न कर सके, तो इस मौके पर आपको अक्लमंद बनना होगा, यानी आप उसकी नाराज़गी को नज़रअंदाज़ कर दें। अगर दोनों में से कोई भी अक्लमंदी न दिखा सके, तो इसका परिणाम निश्चित रूप से विनाशकारी होगा। आपसी रिश्तों में सफलता के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत है। यह सिद्धांत पारिवारिक जीवन, सामाजिक जीवन और व्यापक अर्थों में राष्ट्रीय जीवन से भी संबंधित है। इस सिद्धांत को न अपनाने के कारण परिवारों में झगड़े पैदा होते हैं, पति और पत्नी में तलाक होता है, संस्थानों और संगठनों में टकराव होता है, और राष्ट्रों के बीच युद्ध होते हैं। मिलती-जुलती दुनिया कुरआन में बताया गया है कि जन्नत में जब अह्ल-ए-जन्नत को वहाँ का रिज़क़ दिया जाएगा, तो वे कहेंगे— "यह वही है जो हमें दुनिया में दिया गया था।" और

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