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الرسالہ، جنوری ۲۰۲۵، صفحہ ۱۰
डॉक्टरों ने उन्हें देख कर बताया कि वह अस्पताल पहुंचन से पहल ही मर चुका है। उन्होंने आत्महत्या क्यों की, इसकी वजह ख़बर में इन लफ़्ज़ों में बताई गई है:
Padma committed suicide after hearing that the family has lost a case in Supreme court to retain their flat. पदमा ने यह ख़बर सुनने के बाद आत्महत्या कर ली कि उनका ख़ानदान अपने फ़्लैट को क़ब्ज़े में रखने का केस सुप्रीम कोर्ट में हार गया है (हिन्दुस्तान टाइम्स, टाइम्स आफ़ इंडिया, 17 नवम्बर 1984)। 1977 में जनता पार्टी की कामयाबी के बाद मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। प्रधान मंत्री बनने के ढाई साल के अर्से में उनके बेटे शान्ति देसाई ने कई मामले किए। उनमें से एक यह फ़्लैट भी था। मैरिन ड्राईव (बम्बई) में एक बड़ी बिल्डिंग जिसका नाम ओशियाना (Oceana) है। उसकी पांचवी मंज़िल पर यह फ़्लैट था। जनता सरकार के ख़त्म होने के बाद अदालत में यह केस चला कि कान्ति देसाई ने यह फ़्लैट ग़ैर कानूनी तौर पर हासिल किया था। अदालत ने इसके पक्ष में फ़ैसला दिया। श्रीमती पदमा देसाई को इस फ़ैसले की ख़बर टेलीफ़ोन से मिली। उसके बाद उन्होंने छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली। पदमा देसाई ने समझा कि वह आत्महत्या करके हमेशा के लिए अदालत के फ़ैसले से छुटकारा पा रही हैं। लेकिन अगर उन्हें मालूम होता कि वह आत्महत्या करके अपने को ज़्यादा बड़ी अदालत में पहुंचा रही हैं, जहां आत्महत्या करने का भी मौक़ा
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