पहली ज़िंदगी, दूसरी ज़िंदगी
الرسالہ، مارچ ۲۰۲۶، صفحہ ۵۵
और इसका बेहतर तक़ाज़ के लिए।" इसके बाद हुक्म दिया कि ज़ैद बिन सअना की तयशुदा मात्रा में खजूरें दे दी जाएं। इसके अलावा उन्हें 20 साअ खजूरें और ज़्यादा दी जाएं। ज़ैद बिन सअना आपके इस अच्छे से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इस्लाम अपना लिया। (अल-मोजम अल-कबीर, हदीस संख्या 371)
पैग़म्बरे इस्लाम (सल्ल०) उस समय अरब के शासक थे वह ज़ैद बिन सअना के ख़िलाफ़ कोई भी सख़्त कार्रवाई करने का पूरा इख़्तियार रखते थे। इसके बावजूद आपने ज़ैद बिन सअना की गुस्ताख़ी और बदसलूकी को एकतरफ़ा तौर पर बर्दाश्त किया। उसकी उत्तेजना के जवाब में आप उत्तेजित नहीं हुए, आप पूरी तरह शांत रहे। यह एक ऐतिहासिक और आदर्श मिसाल है, जो अपने आप में सम्पूर्ण है, और जो बताती है कि आदर्श इन्सानी कैसा होना चाहिए, और यह कैसे संभव है कि सामाजिक ज़िन्दगी में एक शख्स सब्र और बर्दाश्त, धैर्य और सहनशीलता के साथ कैसे ज़िन्दगी गुज़ारे। हलाल को हराम बनाना रोजी कमाना हर व्यक्ति की आवश्यकता है। लोग विभिन्न कार्य करके अपनी आजीविका अर्जित करते हैं - जैसे कि सेवा, व्यापार, कृषि आदि। ये सभी तरीक़े वैध (जायज़) तरीक़े हैं, और व्यक्ति का यह अधिकार है कि वह इन स्रोतों में से किसी भी माध्यम को चुन सकता है।
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