Al-Risala · March 2026 · page 58

एक बेहतर भविष्य की ओर

الرسالہ، مارچ ۲۰۲۶، صفحہ ۵۸

करत ह आर बाकी सभा लागा के प्रात उनक दिल म केवल नफरत हाता ह। लक्ष्यहीन दौड़ हर व्यक्ति बिना थके बोल रहा है। हर व्यक्ति अपनी ज़रूरतों को अंतिम सीमा तक बढ़ा चुका है। हर कोई अपनी इच्छाओं को अनंत रूप से पूरा करना चाहता है। हर व्यक्ति चाहता है कि वह आराम और सुख की सारी चीजें अपने लिए और अपने बच्चों के लिए जमा कर ले। यह भौतिकता (materialism) की ओर एक पागल दौड़ है, लेकिन इसका परिणाम क्या निकल रहा है? हर व्यक्ति इस एहसास में जीता है कि उसकी इच्छाएं पूरी नहीं हुईं। जो संतोष वह चाहता था, वह उसे नहीं मिल सका। हर महिला और पुरुष इसी हताशा के एहसास में जीते हैं। इस तरह उनकी ज़िंदगी के दिन और रात यूँ ही गुज़रते रहते हैं, जब तक कि उनकी इच्छाओं का घरौंदा हालात के किसी तूफ़ान से टकराकर बिखर नहीं जाता। और अगर परिस्थितियाँ उसे न भी तोड़ पाएं, तो मृत्यु अपने तय समय पर आ ही जाती है और हर व्यक्ति को उसके कठोर निर्णय के सामने झुकने पर मजबूर कर देती है— जैसा कि इससे पहले दुनिया में आने वाले सभी लोगों को विवश हो कर दुनिया से जाना पड़ा। लोग मौत से पहले के अस्थायी जीवन के लिए प्रबंध करने में व्यस्त हैं, जबकि असली आवश्यकता यह है कि मौत के बाद के शाश्वत जीवन के लिए खुद को तैयार किया जाए। मौत से पहले का जीवन एक परीक्षा का जीवन है। इस आधार पर अल्लाह की यह ज़िम्मेदारी है कि वह प्रत्येक व्यक्ति को वह साधन और परिस्थितियाँ प्रदान करे, जिनके माध्यम से वह अपनी परीक्षा दे सके। लेकिन जहाँ

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