الرسالہ، مئی ۲۰۲۶، صفحہ ۱
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(form)। आत्मा के लिहाज से कुर्बानी एक तरह का संकल्प (pledge) है। कुर्बानी के रूप में संकल्प का मतलब है व्यावहारिक संकल्प (pledge in action)। इस प्रकार के संकल्प के महत्व को आम तौर पर स्वीकार किया जाता है। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती। यहाँ इसी तरह की एक मिसाल दी जाती है, जिससे अंदाज़ा होगा कि क़ुरबानी का असल मतलब क्या है। नवंबर 1962 की बात है। भारत की पूर्वी सीमा पर एक पड़ोसी शक्ति के आक्रमण के कारण जबरदस्त ख़तरा पैदा हो गया था। पूरे देश में सनसनी का माहौल था। उस समय राष्ट्र की ओर से जो प्रदर्शन हुए, उनमें से एक वाक़या यह था कि अहमदाबाद के 25 हज़ार नौजवानों ने संयुक्त रूप से यह संकल्प किया कि वे देश की रक्षा के लिए लड़ेंगे और बाहरी आक्रमण का मुक़ाबला करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान तक क़ुर्बान करनी पड़े। यह निर्णय करने के बाद उन्होंने यह किया कि उनमें से हर व्यक्ति ने अपनी ओर से एक-एक पैसा दिया, और इस तरह 25 हज़ार पैसे जमा हो गए। इसके बाद उन्होंने ये पैसे उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सेवा में पेश किए। पैसे देते हुए उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री से कहा किः