और ताला खुल गया
الرسالہ، مئی ۲۰۲۶، صفحہ ۵۲
रहा है, जबकि असली हल यह है कि कारण पर मेहनत की जाए। ज़िंदगा म अक्सर ऐसा होता है कि समस्या कहीं और नज़र आती है, और उसका हल कहीं और छुपा होता है। उदाहरण के लिए, अगर क़ौम के अंदर एकता नहीं है तो इसकी वजह यह होगी कि व्यक्तियों में एकता नहीं है। ऐसी स्थिति में आप "एकता सम्मेलन" करके लोगों के बीच एकता नहीं पैदा कर सकते। पहले व्यक्ति के स्तर पर एकता पैदा कीजिए, उसके बाद क़ौम के स्तर पर अपने- आप एकता पैदा हो जाएगी। इस संसार का नियम है कि जो "फल" पर मेहनत करता है, उसे फल नहीं मिलता। फल सिर्फ़ उसी को मिलता है जिसने "बीज" पर मेहनत करने का सबूत दिया हो। (अल-रिसाला, अगस्त 1986)
और ताला खुल गया
उसकी नाकाम कोशिश अब झुंझलाहट में बदल चुकी थी। वह काफ़ी देर से ताले पर ज़ोर लगा रहा था। "चाबी तो देखने में सही है। ज़रूर ताले के अंदर कोई ख़राबी है जिसकी वजह से ताला खुल नहीं रहा है," उसने सोचा। उसका गुस्सा अब इस हद तक पहुँच चुका था कि अगला क़दम बस यही रह गया था कि ताला खोलने के लिए वह चाबी की जगह हथौड़े का इस्तेमाल शुरू कर दे।