Urdu book · اسفارِ ہند

بنگلور کا سفر

Urdu book, p. 488

By Maulana Wahiduddin Khan

ہوتا ہے کہ وہ ۲۰ سال سے نکل رہا ہے۔ مگر آج تک لوگوں کی دل چسپی اس سے ختم نہیں ہوئی۔ اس کا نیا پن مسلسل باقی ہے۔ رات ہوئی تو سر دھند کے آسمان پر ستارے جگمگاتے ہوئے دکھائی دینے لگے کسی شخصیت کی بڑائی بتانا ہو تو کہا جاتا ہے کہ وہ ایسا تھا جیسے ستاروں کے درمیان سورج۔ مگر یہ صرف ایک ادبی اسلوب ہے۔ ورنہ حقیقت یہ ہے کہ سورج خود بھی ایک ستارہ ہے۔ مزید یہ کہ فلکیاتی تقسیم میں سورج نسبتاً ایک چھوٹا ستارہ سمجھا جاتا ہے : The Sun is classified as a dwarf star. آسمان کے بیشتر ستارے سورج سے بہت زیادہ بڑے ہیں۔ معلوم کیا گیا ہے کہ ان کی جسامت (Volumes) سورج کے مقابلہ میں ایک ملین سے لے کر دوس ملین گنا تک زیادہ ہے۔ رات کے وقت ستاروں کا خوب صورت منظر اب دہی جیسے شہروں میں گویا معدوم ہو گیا ہے۔ دہلی میں فضائی کثافت اتنی زیادہ بڑھ چکی ہے کہ وہاں اب نہ سانس لینے کے لیے مولانا وحید الدین خان نے سردھনা میں کہا: समृद्धि का आधार मेहनत है, आरक्षण नहीं अमर उजाला ब्यूरोः सरधना, १२ अप्रैल। जाने-माने विचारक مولانا وحید الدین خان نے کہا کہ आरक्षण की अपेक्षा मेहनत त्याग के बल पर अर्जित सफलता आत्मिक, सामाजिक, आर्थिक समृद्धि प्रदान करती है। नगर के बुध बाजार स्थित जामा मस्जिद में आज इशा की नमाज के बाद अकीदतमंदों को खिताब करते हुए उन्होंने नमाज की विस्तृत व्याख्या भी की। उन्होंने कहा कि नमाज सदर बनने के जज्बों से बचाती है। उन्होंने इत्तेहाद पर बल देते हुए कहा कि यह सबसे बड़ी ताकत है और इसमें जिस प्रकार नमाज के दौरान हम एक امام के पीछे सभी मुक्तदी होते हैं, उसी प्रकार हमें सदर बनने की होड़ से स्वयं को उभारना चाहिए। बाद में मुस्लिम बुद्धिजीवियों व पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस्लाम यह सिखाता है कि दुश्मन से भी अच्छा सुलूक करो। जो आज दुश्मन है, कल वह मित्र बन जाएगा। भाईचारा कायम करने के मिशन पर निकले مولانا وحید الدین خان نے کہا कि इस्लाम के मुताबिक हम दुनिया भर में फैले हैं, अपनी बात को रखने के दो माध्यम हैं। एक दादागिरी, दूसरा दाई (देने वाला)। दादागिरी के बल पर कोई मिशन कामयाब नहीं हो सकता। आरक्षण संबंधी प्रश्न के उत्तर में مولانا ने कुरान और हदीस की रोशनी में कहा कि हम तुमसे कोई अज नहीं मांगते। मांगना अपने आप को हकीर बनाना है। तरक्की का राज मेहनत है, आरक्षण नहीं। इंसान अपनी ताकत को पहचाने। हदीस में आया है कि रिजक का नब्बे फीसदी हिस्सा तिजारत में है। सीताराम केसरी (कल्याण मंत्री) के मुस्लिमों को आरक्षण देने की सिफारिश पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि 'वो बेवकूफ बना रहे हैं और हम बेवकूफ बन रहे हैं।' उन्होंने और कुरेदने पर कहा कि वे (कांग्रेस) १९۸۷ से लगातार हकूमत कर रहे हैं, अब से पूर्व आरक्षण क्यों नहीं दिया गया। مولانا نے आर्थिक मजबूती के लिए सहकारी समितियां बनाकर सहयोग का आह्वान किया। चुनाव के दौरान किस पार्टी का समर्थन किया जाए, सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सही मायने में हालात ये है कि यदि चुनाव अच्छे-बुरे में हो तो बेशक अच्छे को चुनने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन यहां तो चुनाव 'मिस्टर करप्ट' व 'श्री भ्रष्ट' के बीच है।

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