Al-Risala · November 2023 · page 13

عورت کا میدانِ کار

الرسالہ، نومبر ۲۰۲۳، صفحہ ۱۳

इस बाद अमर मआावया न निहायत ख़ामोशी के साथ एक मनसूबा बनाया। उन्होंने तलाश करके सोर (शाम) के एक आदमी को हासिल किया। वह व्यापारी था और रोमी जुबान जानता था। अमीर मआाविया ने उसे बहुत सारे सोने के दीनार दिए। उसको पूरा मनसूबा बताया और कहा कि तुम जाओ और किसी न किसी तरह उस बतरीक़ को पकड़ कर दिमिश्र ले आओ। उस आदमी ने व्यापारी के रूप में सफर किया और इस तरह दिमिश्र से कुस्तुतुनिया पहुंचा। बतरीक़ के बारे में मालूमात हासिल करके उसके ताल्लुकात पैदा किए। उसको कीमती तोहफ़े (इत्र, जवाहरात, रेशमी कपड़े वग़ैरह) पेश किए। इस तरह वह कई बार दिमिश्र से कुस्तुतुनिया और कुस्तुतुनिया से दिमिश्र आता-जाता रहा। और बतरीक़ को तोहफ़े देता रहा। यह पूरा मामला इतनी राज़दारी के साथ हुआ कि व्यापारी और अमीर मआाविया के सिवा किसी और को इसकी भनक तक न थी। इस तरह लम्बा अर्सा गुज़र गया। जब बतरीक़ से काफ़ी ताल्लुकात हो गए तो उसने खुद ही कुछ ख़ास तोहफ़े लाने की फ़रमाइश की। व्यापारी उससे वादा करके वापस हुआ। वह दिमिश्र आया। यहां उसने निहायत तेज़ रफ्तार ऊंटनी हासिल की। ऊंटनी को एक आदमी के साथ लाकर एक ख़ास मुकाम पर ठहराया। इसके बाद वह बतरीक़ के पास गया और कहा कि मैं तुम्हारे तमाम तोहफ़े ले आया हूं। तुम मेरे साथ चलो। इस तरह बहाने से वह बतरीक़ को वहां ले गया। यहां दोनों ने अचानक बतरीक़ को पकड़ लिया। उन्होंने जल्दी से उसके हाथ-पांव बांध दिए। और उसको सवारी पर बिठा कर हवा की रफ्तार से दिमिश्र की तरफ़ रवाना हो गए।

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