Unilateralism is the Best.
الرسالہ، جولائی ۲۰۲۴، صفحہ ۱۵
आपसी मतभेद और झगड़ा में फंसा हुआ था, वह विविध रंग के पौधों और वृक्षों का खूबसूरत बाग बन गया है। कुछ मिसालें हमारे आसपास जो कुछ घटित हो रहा है, उनका गहराई के साथ अध्ययन किया जाए तो यह बात आसानी से समझी जा सकती है कि कल्चर का फ़र्क या कल्चर की समानता असम्बद्ध चीजें हैं। इनका एकता से कोई अनिवार्य सम्बन्ध नहीं। चंद मिसालें लीजिए:
बम्बई में पारसी और हिन्दू हज़ार बरस से एक साथ रहते हैं। आप जानते हैं कि पारसी समाज एक बंद समाज है। वे लोग अपने से बाहर शादी-ब्याह को सही नहीं समझते। बम्बई के हिन्दुओं और पारसियों में आपस में शादी-ब्याह नहीं होता (कुछ अपवादों को छोड़ कर, जिन्हें आम परम्परा नहीं कहा जा सकता) इसके बावजूद वहां कभी हिन्दुओं और पारसियों में लड़ाई नहीं हुई। दोनों के बीच बहुत अच्छे और शांतिपूर्ण सम्बन्ध हैं। इससे उल्टी मिसाल हिन्दुओं और सिखों की है। आप जानते हैं कि हिन्दुओं और सिखों में आपसी शादी-ब्याह का बेरोकटोक रिवाज था, पर इन्हीं दोनों फ़िरक़ों में आज पंजाब में इतने बड़े पैमाने पर लड़ाई हो रही है जैसे कि एक-दूसरे के दुश्मन हों। इसी तरह, मसलन, कहा जाता है कि सभी लोगों की भाषा एक हो जाए तो इसके बाद लोगों के बीच एकता पैदा हो जाएगी, पर यह भी एक निरर्थक और
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