Al-Risala · September 2024 · page 15

ख़ुदा की हिफ़ाज़त में

الرسالہ، ستمبر ۲۰۲۴، صفحہ ۱۵

पालनहार हा उच्च बुद्धसम्पन्न लोग जिस चीज़ का तलाश में ह व इश्वरिय मिशन के सिवा कुछ नहीं, ख़ुदा का अस्तित्व ही आइडियल अस्तित्व है। और ख़ुदा के मिशन में अपने को लगा कर ही हम उस चीज़ को पा सकते हैं जो हमारी पूरी हस्ती को संतुष्टि दे और आइडियल के बारे में हमारी मानसिक कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरे। इन्सान का आइडियल उसका ख़ुदा है। पर वह अपने इस आइडियल को 'ग़ैर- ख़ुदा' में तलाश करने का असफल प्रयास कर रहा है। हज़ार मील का सफ़र एक चीनी कहावत है कि 'हज़ार मील का सफ़र एक कदम से शुरू होता है' यानी किसी को अगर हज़ार मील दूर जाना है तब भी पहले क़दम ही से उसका सफर शुरू होगा। एक-एक कदम चल कर ही वह अपनी मंज़िल को पहुंचेंगेा। ऐसा नहीं हो सकता कि पांव उठाते ही वह पहला कदम अपनी आखिरी मंजिल पर रख दे। यह ज़िन्दगी की एक आम सच्चाई है। इसका ताल्लुक व्यक्ति से भी है और समाज से भी। एक व्यक्ति का सफ़र भी इसी उसूल पर अमल करके 'कामयाब होता है और एक समाज या क़ौम का सफ़र भी।

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