Al-Risala · January 2024 · page 2

بندہ شدن از بندگان عبید بیاموز

الرسالہ، جنوری ۲۰۲۴، صفحہ ۲

आज मुसलमाना से सबस बड़ा चीज़ जा खाइ गई ह वह रहमत वाल नबा का यही तरीक़ा है। नफ़रत, मुहब्बत रिवायत में आता है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना की मस्जिदे-नबवी में बैठे हुए थे। आपके असहाब (साथी) भी वहां मौजूद थे। इतने में एक अ'राबी (देहाती) वहां आया। वह मसजिद के अंदर एक जगह खड़ा होकर पेशाब करने लगा। सहाबा उसको पकड़ने और मारने के लिए दौड़े। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उन्हें रोका और कहा कि इसे छोड़ दो। जब अ'राबी पेशाब कर चुका तो आपने कहा कि एक बाल्टी पानी लो और जहां उसने पेशाब किया है वहां पानी बहा कर उसको साफ़ कर दो। इसके बाद आपने अ'राबी को बुलाया और नरमी के साथ उससे कहा कि देखो यह मसजिद है। यहां ख़ुदा का ज़िक्र और इबादत की जाती है। यह पेशाब वग़ैरह करने की जगह नहीं। अ'राबी पर इस वाक़ए का बहुत असर हुआ। पहले उसका गंवारपन जागा हुआ था, अब उसका ज़मीर (अंतरात्मा) जाग उठा। वह उसी हालत में अपने क़बीले में वापस गया। वहां वह लोगों से दीवानावार कहता फिरता था कि देखो, मैं मदीना गया। वहां मैंने यह गंदा काम किया कि मुहम्मद की मसजिद में पेशाब

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