Al-Risala · March 2025 · page 3

اختلاف ایک آزمائش

الرسالہ، مارچ ۲۰۲۵، صفحہ ۳

चाहिए, क्योंकि दूसरे पहलू से उसके अंदर कोई और गुण अधिक होगा। इंसान को चाहिए कि वह उस क्षमता (potential) को पहचाने जो उस को ख़ुदा की तरफ़ से मिली हुई है और हिम्मत के साथ अपनी ज़िंदगी की रचना करे। जीवन के संघर्ष के दौरान अगर उसे कोई नुकसान पहुँचे तो उसे यकीन रखना चाहिए कि इस नकारात्मक अनुभव में भी कोई सकारात्मक लाभ छुपा होगा। इंसान को चाहिए कि वह अपने हर नकारात्मक अनुभव से सकारात्मक सीख ले और किसी भी हाल में हिम्मत न हारे। इस तरह आदमी अपनी शख्सियत का निर्माण करता रहता है। वह अपना मूल्यांकन करके अपनी कंडीशनिंग को दूर करता रहता है। वह अपने चेतना को जागरूक करके अपने अंदर ऐसी शख्सियत का विकास करता रहता है जिसमें सत्य को स्वीकार करने की योग्यता मौजूद हो, जिसमें वह क्षमता हो जिसे पैगंबर की एक दुआ में इस तरह व्यक्त किया गया है:

"हे अल्लाह, तू मुझे सत्य को सत्य के रूप में दिखा और उसकी अनुगति करने की शक्ति दे। और हे अल्लाह, तू मुझे असत्य को असत्य के रूप में दिखा और उससे बचने की शक्ति प्रदान कर। और हे अल्लाह, तू मुझे चीजों को वैसा ही दिखा जैसा कि वे वास्तव में हैं।" (तफसीर इबन कसीर, भाग 1, पृष्ठ 427; तफसीर अल-राज़ी, भाग 1, पृष्ठ 119)

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