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الرسالہ، جنوری ۲۰۲۵، صفحہ ۷
आदम का उसका पैदा करने वाल न इसी लिए पैदा किया ह कि वह एक कामयाब ज़िन्दगी हासिल करे। मगर हर आदमी की एक हद है। और हर आदमी को चाहिए कि वह अपनी हद को जाने। जब आदमी अपनी हद के अन्दर रहे तो दुनिया की तमाम ताक़तें उसको कामयाब बनाने के लिए उसका साथ देती हैं और जब वह अपनी हद से आगे बढ़ने लगे तो हर चीज़ उसका साथ छोड़ देती है। ऐसे आदमी के लिए नाकामी के सिवा और कोई अंजाम इस दुनिया में नहीं। 6 अप्रैल कम्यूनिस्ट रूस के पहले शासक लेनिन की मृत्यु 1924 में हुई। उसके बाद जोज़ेफ़ स्टालिन रूस का प्रधान मंत्री बना। और मरते दम (1953) तक वो इस ओहदे पर रहा। उसने लगभग 30 साल तक कम्यूनिस्ट रूस के ऊपर निरंकुश हुकूमत की। इस दौरान उसने बेशुमार ज़ुल्म किए। यहां तक कहा जाता है कि उसने लगभग पांच करोड़ इन्सानों को विभिन्न तरीक़ों से मार डाला (टाइम्स आफ़ इंडिया 20 अप्रैल 1988)| स्टालिन की हुकूमत के पूरे दौर में उसके ज़ुल्म इस तरह पूरी तरह छुपाए जाते रहे कि उसका एक लफ़्ज़ भी कम्यूनिस्ट रूस में कहीं भी छप नहीं सका। बाद के एक रूसी प्रधानमंत्री खुश्त्रेफ़ ने कम्यूनिस्ट पार्टी की बीसवीं कांग्रेस में बन्द कमरे के अन्दर उसके भयानक जुर्मों पर एक लम्बी रिपोर्ट पेश की। यह घटना 25 फ़रवरी
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