अपना देवा के नाम पर बलिदान करने का इरादा किया।
الرسالہ، مئی ۲۰۲۶، صفحہ ۵۷
इस छोटा-सा घटना में बहुत बड़ा सबक़ है। ज़्यादातर प्रातद्वंद्री से मुक़ाबिल का बेहतरीन तरीक़ा यह होता है कि शुरू में उसके वार को ख़ाली कर दिया जाए, यहां तक कि उसके हथियार की 'तीन गोलियां' ख़त्म हो जाएं। फिर उससे मुक़ाबला करना निहायत आसान होगा। मसलन एक व्यक्ति आपसे ज़्यादा ताक़तवर है और वह आपकी किसी बात पर उत्तेजित हो जाता है। जब वह आप पर बिगड़ना शुरू करे तो पहले आप उसके वार को ख़ाली करने की कोशिश करें, यानी बिल्कुल चुप होकर उसकी बात सुनते रहें, यहां तक कि जब उसके शब्द ख़त्म हो जाएं और उसकी भड़ास निकल जाए उस वक़्त गंभीरता के साथ स्थिति के बारे में उसको बताएं। अगर आप शुरू में इस क़िस्म का सब्र दिखाएं तो आप निश्चित रूप से सफल रहेंगे क्योंकि अब वह अपने हथियार की तीन गोलियां ख़त्म कर चुका हैं और अब बहुत आसानी के साथ उसका मुक़ाबला किया जा सकता है। इसी तरह कुछ लोग हैं, जो आपके ख़िलाफ़ एकजुट होकर आ गए हैं और आपको मिटा देना चाहते हैं। ग़ौर कीजिए तो यह एकजुटता सिर्फ़ इस आधार पर होगी कि आप उनके सामने उनके प्रतिद्वंदी बनकर खड़े हुए हैं। अगर आप सूझ-बूझ का तरीक़ा इख़्तियार करें और कुछ देर के लिए अपने को निशाने से हटा दें तो आप देखेंगे कि उनकी एकजुटता टूट रही है। उनकी एकजुटता के हथियार की गोली आपका प्रतिद्वंदी बनकर खड़ा होना था। जब आपने अपने को प्रतिद्वंदी के मुक़ाम से हटा दिया तो जैसे आपने उनकी तीनों